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१६ तिसरा अथवा सोळा पूजी दत्तावतार ते। त्या त्या जयंतीला भावें इष्ट सिद्धचि होय तें।।१६।। स्पष्टीकरण Explanation १६. श्रीदत्तभगवान के तीसरे या सोलहवे अवतार के जयंती पर उस का जन्मोत्सव मनाएँ। 16. Celebrate the birth anniversary of the third or the sixteentht incarnation of Lord Dattatreya. |